विडियो- AAP सांसद संजय सिंह ने अर्णब गोस्वामी को बताया हिंसक विचार वाला पत्रकार

महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर (Palghar) में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते हुई दो साधुओं की हत्या पर डीबेट के दौरान टीवी एंकर अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) ने हिंदुओं की लिंचिंग (Lynching) पर विपक्ष के चुप रहने पर सवाल उठाया। इस दौरान उनकी भाषा बहुत ही भड़काउ और उग्र थी। इस डीबेट को देखने के …

विडियो- AAP सांसद संजय सिंह ने अर्णब गोस्वामी को बताया हिंसक विचार वाला पत्रकार
महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर (Palghar) में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते हुई दो साधुओं की हत्या पर डीबेट के दौरान टीवी एंकर अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) ने हिंदुओं की लिंचिंग (Lynching) पर विपक्ष के चुप रहने पर सवाल उठाया। इस दौरान उनकी भाषा बहुत ही भड़काउ और उग्र थी। इस डीबेट को देखने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह (Sanjay singh) ने देशवासियों को इस प्रकार की पत्रकारिता से बचने की सलाह दी है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा है कि ऐसे ही हिंसक विचार वाले पत्रकारों ने रवांडा में एक बड़े नरसंहार को जन्म दिया था। लाखों लोग मारे गये थे अगर हम नफरत की पत्रकारिता के ख़िलाफ नही जागे तो भारत को बर्बादी से बचाना मुश्किल है। इन आतंकी सोच वालों को बताना होगा कि ये गांधी का देश है यहां नफरत के लिये कोई जगह नही। टीवी डीबेट के दौरान गोस्वामी ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के विषय में भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। उनके ऐसा करने पर कांग्रेस नेता भी भड़के हुए हैं। यहां तक की छत्तीसगढ़ में कांग्रेस विधायक ने उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा दी है। वहीं दिल्ली कांग्रेस की नेता अलका लांबा भी गोस्वामी के खिलाफ मोर्चा खोल कर बैठी हैं। उन्होंने तो यहां तक धमकी दी है कि अगर गोस्वामी की गिरफ्तारी नहीं होती तो सारे कांग्रेसी कोरोना संकट के बीच भी सड़कों पर उतरेंगे। अफवाह के चलते हुई थी लिचिंग बता दें कि महाराष्ट्र के पालघर इलाके में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की भीड़ ने पीट-पीट कर निर्मम हत्या कर दी थी। इस दौरान वहां पुलिस भी मौजूद थी। लॉकडाउन के बीच भी करीब 200 की संख्या में लोग जमा हुए थे और सभी ने मिलकर साधुओं की बत्या कर दी थी। एक बच्चा चोरी की अफवाह के चलते ये लिंचिंग हुई। इसके बाद 110 लोगों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने इस लिचिंग को मजहबी रूप न देने की अपील की है, क्योंकि ये लिंचिंग एक अफवाह के चलते हुई है और इसमें किसी भी प्रकार का धार्मिक एंगल नहीं है।